10
Feb

हा हा हा

   Posted by: शुऐब   in खुदा से मिलो

इसलिए कि बहुत दिनों बाद हमने अपना चिट्ठा देखा तो मुंह से यूंहि हा हा हा निकल आया। अगर किसी को पसंद ना आए तो ही ही ही करलें इजाज़त है। कई बार अपना चिट्ठा देखा मगर जी भरके आज ही देखा। पुरानी क़िस्तों पर नज़र डाले तो ख़ुदपे हंसी आगई, बकवास छापने मे कोई हमसे बड़ा नहीं क्योंकि हम ख़ुदा हैं। जारी

बाक़ी फिर कभी

[ ये ख़ुदा है - 83 ]

3
Nov

ख़ = से ख़ैरियत

   Posted by: शुऐब   in खुदा से मिलो