ख़ुदा का वेलंटाईन गिफ़्ट
[ ये ख़ुदा है - 52 ]
आप तो ख़ुदा हैं और सब जानते भी हैं, ज़रा ये तो बतादें कि पुराने ज़मानों मे नौजवान छौकरे हसीनाओं को किस तरह परपोज़ करते थे! ख़ुदा ने अपनी उंगली दांतों मे रखलीः ओह यार बडा कठिन प्रश्न है कोई दूसरा स्वाल पूछो। ख़ुदा से पूछाः कमसेकम प्यार मुहब्बत और इश्क़ के बारे मे कुछ इज़हार फर्मादें, आज बडा पवित्तर दिन है। ख़ुदा ने पहले चौंकाः पवित्तर दिन! आज किसकी मैयत का उर्स है? फिर शर्माते हुए कहाः वल्लाह हम बाकाईदा ख़ुदा हैं, ख़ुदारा ऐसी बातें हम से ना पूछो। वैसे एक बात बताओ आजका ये दिन किस धर्म मे पवित्तर माना जाता है? ख़ुदा को बतायाः आलिजाह, जवान दिलों के धर्म मे आजका दिन पवित्तर समझा जाता है, जवान छोकरे जिनमे ज़्यादातर सडकछाप होते हैं, अपनी मनपसंद हसीनाओं से प्रेम का इज़हार करते हैं। और बाक़ी चंद बडी उम्र के लोग इस दिन तोड फोड भी करते हैं इनके धर्म मे ये दिन बेहूदा और समाज मे एक घटिया रसम है। ख़ुदा ने फर्मायाः अमां यार, ये तो बहुत नाज़ुक मसला है जवान दिलों का मामला है भई। इनका ख़ून गर्म होता है और दिल जज़बाती। तुम बुड्ढे लोगों को अब क्या समझाएं जवान दिलों की धडकनों के साथ खेलना ख़ुदा को भी पसंद नहीं। हर एक को जवानी के मज़े लेने हैं, हसीनाओं को हाए हेलो कहदिया, ई लौ यू बोल दिया फिर चमाट खालिया कहीं किसी ने छाती चीरली तो कोई फांसी से लटक गया, आवारा दिल फेंक छोकरों जम कर नाच लिया हंगामा खडा करदिया यहां तक कि महिलाओं पर सीटीयां बजालीं फिर पोलिस के हाथों पिट भी गए। नौजवानी मे एसे हालात से मुक़ाबिला होता रहता है भाई। ख़ुदा ने फिर कहाः बचपन और जवानी सिर्फ एक बार नसीब आता है, जियो और जीने दो, खुलकर ख़ुशियां मनाओ, एक-दूसरे को अपना कल्चर बांटो, सिर्फ ईद-त्योहार ही नहीं बल्कि हर दिन मौज मस्ती करो मगर इतनी ज़्यादा नहीं कि किसी का नुक़्सान हो। ये दुनिया तुम्हारी है, तुम सब एक ही किसम के इंसान हो, कोई तुमसे बुरा और ज़्यादा अच्छा नहीं सभी बराबर हो। अमां यार तुम लोग ईदों मे भी झगडते हो, दर्गाहों मे उर्स के पैसों के लिए एक-दूसरे का ग्रेबान पकडते हो, पूजापाट और त्योहारों के दिन धमाके मचाते हो कम से कम वेलंटाईनस डे को तो बख़्श दो। माना कि आजका दिन कुछ सडकछाप छोकरे यूं ही तंग करते हैं, औरतों से छेछाड होजाती है और कभी जान की भी आफ़त पडती है मगर ये सब तो तुम्हारा हर दिन का रोना है। ख़ुदा ने ऊंची आवाज़ मे फर्मायाः ग़रूर तकब्बुर करने वालों का मूंह काला, लानत है ऐसे लोगों पर जो ख़ुशीयों के मौक़े पर हैवानियत का खेल खेलते हैं। तुम लोगों ने इतनी सारी चीज़ें और बातें अपनालिए, अजब किसम के ईद व त्योहार करलिए अब एक नई वेलंटाईन्स डे की बक्वास रसम भी सही। तुम लोग हर नई चीज़ को अपना लेते हो जिस तरह गुज़रे ज़मानों मे धर्म अपना लिए थे और आज नौजवानों ने कुछ नया अपनालिया तो इसमें काहेका हंगामा। ख़ुदा ने अपना कॉलर सीधा करते होए फर्मायाः इस वेलंटाईन के दिन तुम सभी इंसानों को हम परपोज़ करते हैं, लानत है तुम्हारी अजीबवग़रीब सोच पर! कुछ भी अनापशनाप बोलकर नई रिवायतें ईजाद करलेते हो, गुज़रे ज़मानों मे लोग जाहिल तो थे ही और आज तुम लोग कौनसी जिहालत काइम कर रहे हो? जमाहीयां ना लो, हमारा भाषण अभी ख़तम नहीं हुआ। हर दिन कुछ ना कुछ करके माहोल ख़राब करने वाले हे जाहिल इंसानों, कभी तो एक दिन के लिए धर्ती पर अमन-आमान से रहो। देखो ईराकी लोगों ने ख़ुद अपना स्कून हराम करलिया, अब चंद दूसरे देश भी अपना स्कून हराम करने के लिए आफर भेज रहे हैं। कहीं ऐसा ना हो कि ख़ुदा अपने पूरे ग़ज़ब मे तुम्हें झंजोडदे, क़यामत से पहले हज़ारों किसम की क़यामतें तुम पर निछावर करदे। खंकारने के बाद ख़ुदा ने फर्मायाः हमारा कहना ये है कि नाचो गाओ झूमो मस्ती करो ऐश करो मगर किसी को तकलीफ ना दो। दूर बैठे ईराकीयों का दुःख समझते हो मगर अपने भूके पडोसी की तुम्हें ख़बर तक नहीं! ख़ुदा ने बेज़ारगी से फर्मायाः चलो छोडो भई, तुम इंसानों मे ये समझ होती तो हमें इतना लम्बा भाषण नहीं बोलना होता। तुम इंसानों को तो बस सिर्फ एक-दूसरे की टांग खींचनी है, तुम से एक-दूसरे की ख़ुशी देखी नहीं जाती और ग़म मे तो कोई साथ आता ही नहीं। वल्लाह हम ख़ुदा हैं जहां ख़ुशी वहां हम हैं - हैप्पी वेलंटाईन्स डे। जारी
बाक़ी फिर कभी
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