ख़ुदा को दांत नहीं!
अचानक ख़ुदा की चीख़ निकल पडी जब रात को बिजली जाते ही टार्च जलाया तो दीवार पे ख़ुदका साया देख बोखला गया। टार्च बनाने वाले पर ख़ुदा ने लानत भेजाः कमबख़्त ऐसा आला बनाते हो कि पल भर के लिए हम ख़ुदका साया को उसामा समझ बैठे। ख़ुदा को याद दिलायाः आजकल ईराक़ मे यही हो रहा है, अमेरिकन सेना बोखला गई है इन्हे ख़ुदका साया भी आतंकावदी मेहसूस हो रहा ह इसी लिए आंख मूछ कर फाइरिंग मचा रहे हैं।
ख़ुदा ने बेनज़ीर के बारे कहाः मेडम बडी पटाख़ा ख़ातून हैं, अपनी आमद पर ख़ुद ही भयानक धमाका करके चुपचाप निकल पडी। ख़ुदा ने कहाः हम ने पिछली किश्त मे कहा था कि चंद ख़ुद्दारों की वजे से पूरा पाकिस्तान बर्बाद होने के क़रीब है, पाकिस्तानी जनता को कुचलने के लिए किसी बाहरी ताक़त की ज़रूरत नहीं चूंकि इन्हे आपस मे सलाह करने की भी फ़ुर्सत नहीं।
दीपावली के बारे ख़ुदा ने फरमायाः लानत है उन लोगों पर जो कान फाडने वाले पटाख़े जलाते हैं। दीपावली जैसी पवित्र पूजा पर लाखों रूपय हवा मे उडाते हैं। आस पडोस मे बीमार और छोटे बच्चों का भी लिहाज़ नहीं करते, पटाख़ों से माहोल भी ख़राब करते हैं। ख़ुदा ने कहाः जब हम छोटे थे तब ज़बर्दस्त पटाख़े जलाते थे चूंकि अब बडे हो गए तो दूसरों को लानत कर रहे हैं।
ख़ुदा को बतायाः अपने राहुल को ख़तर्नाक आतंकवादीयों ने अग़वा की कोशिश की थी। ख़ुदा ने अपना नाम गुप्त रखते हुए कहाः मियां, दरअसल हम ने उन को मशहूर करने की सुपारी ली थी। प्लान कामयाब रहा, राहुल भैया मशहूर हो गए जो हमेशा से प्रधान मंत्री के सपने सजाए गाऊँ वालों को अकसर निशाना बनाते रहते हैं। ख़ुदा ने फ़रमायाः अगर ख़ुदको मशहूर करना चाहो तो अपने अग़वा होने का हल्ला मचाओ।
ख़ुदा से पूछाः अलीजाह! पाकिस्तान मे मार्शल लॉ कायम है तो चुनाऊ करवाने का मतलब क्या है? ख़ुदा ने जवाब दियाः सिम्पल सी बात है, बेनज़ीर और नवाज़ को खींच लाओ और जहां पैदा हुए वहीं दफ़नाओ। ख़ुदा ने और बतायाः पाकिस्तानी जनता की हालत बहुत दुखद है ये तो अच्छा हुआ कि भारती फ़िल्में देख इनमे कुछ अक़ल आई वरना अफ़ग़ानों के साथ फ़र्क़ ना होता।
किंग सौद के यूरोप व लन्डन यात्रा को ख़ुदा ने ख़ूब सराहा, इतनी दूर जाके सर झुकाने की क्या ज़रूरत थी! हालांकि बहुत से अरबी सर उठाने की जुर्रात मे हैं, इंकलाब और आज़ादी का चसका लग गया। अब इन्हे शरियत (इस्लामी कानून) परवाह परवाह नहीं, मज़े लेने देश से बाहर निकल आते हैं। बहुत अफ़सोस कि ये अपने ही देश मे बंद हैं, काश कि बाक़ी देशों के साथ हमसफ़र होते!
गुजरात सरकार के बारे ख़ुदा ने कहाः मीडिया वालों ने हल्ला मचा रखा है जैसे मोदी कोई और नहीं बल्कि सोनिया का भाई है। हम ने मोदी को ऐसे ही कुर्सी पे नहीं बिठाया! बल्कि ख़ुदा जिसको चाहे कुर्सी सोंपदे और जिसको चाहे ज़लील और रुसवा करे। ख़ुदा ख़ुद चाहता है कि लोगों को धर्म मे लडवाए क्योंकि ख़ुदा का कोई धर्म नहीं और ख़ुदा की मर्ज़ी के बगैर किसी को धर्म बनाने का अधिकार नहीं।
चार हाथ पैर वाली बच्ची को देख ख़ुदा ने अपनी उंगलीयां मूंह मे रखते हुए कहाः वल्लाह इसमे हमारा कोई फ़ाल्ट नहीं, ज़रूर अलकाईदा वालों की साज़िश लगती है। अगरचे ये एक चमत्कार है जब्कि साईंस ने विश्व को जीत लिया। ख़ुदा का सलाम है डॉक्टरों और साइंटि्स्टों के लिए जो हर नई बात को दूसरों के साथ शेयर करते हैं जब्कि पुराने ज़मानों के वेद और हकीम अपने राज़ों, पुस्तकों को साथ ले गए।
भारती अलक़ाईदा को ख़बर्दार करते हुए ख़ुदा ने कहाः उत्तर प्रदेश और हैदराबाद को निशाना बनाने वालो! हिम्मत है तो सामने आओ। ख़ुदा ने अपना सर खुजाते पूछाः मियां, ये मुजाहिदीन क्यों छुपके वार करते हैं और हमेशा आम जनता को ही निशाना बनाते हैं! ये अंदर से खोखले हैं, इन्हे अपने मक़सद से ज़्यादा जान प्यारी है। ख़ुद्दार मुजाहिदों के लिए ख़ुदा ने झिल्लाकर चिंघाडाः कमबख़्तो, कमीनो, कुत्तों - भारत मे सभी के लिए एक क़ानून है और तुम जैसे चंद कमीनो की वजह से यहां मुस्लमानों का बुरा हाल है।
तसलीमा के दुःख भरे जीवन पर ख़ुदा ने अफ़सोस का इज़हार फरमायाः भले दुखी हो मगर एक बडे देश की सरकारी मेहमान हो! चंद लोग तुमसे नाराज़ हैं उनसे माफ़ी मांगे मे बुरा क्या है? किसी के दिल को ठेस पहुंचाना अच्छी बात नहीं भले तुम सच लिखने मे कमाल रखती हो। सच तो ये है सच बोलने वालों के लिए थोडी सी ज़िल्लत भी उठानी पडती है और सच तो सच है किसी भी अकलमंद को इस से इंकार नहीं।
ख़ुदा ने ख़ुश होकर कहाः मियां, अच्छा है कि हमारे मूंह मे दांत नहीं वरना क्या मालूम कि थंड से कपकपाकर शायद टूट जाते। ख़ुदा ने कहाः हमारी शान देखो कि इस कडाके की सर्दी मे भी 60वीं किश्त लिए हाज़िर हुए। इस से पहले कि हमारे पकोडे और चाय थंडि पड जाए, हम अपनी इस पवित्र किश्त का फ़िलहाल यहीं अंत करते हैं भले ये बकवास है मगर सच हमेशा कडवा होता है और हमारी किश्तें इतनी कडवी हैं कि पढते पढते कुछ लोगों की ज़बान लडखडा जाती है। जारी
[...] बेनज़ीर की मुत्यु पर ख़ुदा ने रोने की जबरदस्त एक्टिंग की, पूछने पर फरमाया — यहाँ सभी रोने धोने की अदाकारी में एक दूसरे पर बाज़ी मार रहे हैं तो हम क्यों पीछे रहें? ख़ुदा ने अफ़सोस से कहा — अच्छा ख़ासा पाकिस्तान बगैर सेक्यूलरिज़्म के जैसे तैसे आगे बढ रहा था फिर एक स्त्री सेक्यूलरिज़्म की झलक दिखलाने क्या आई अब क़यामत तक ये देश दंगे फ़साद की नज़र हो गया। नाक पर हाथ रखे ख़ुदा ने पूछाः ये सब कैसे हुआ? ख़ुदा को बतायाः अल-कायदा वालों ने अपना वादा निभाया और बेनज़ीर को मार डाला – अल-कायदा के लोग वादे के पक्के हैं जो कहा वो कर डाला। ख़ुदा ने फ़रमाया — बेनज़ीर की मुत्यु से पहले पिछली किश्त मे हम ने फ़रमाया था — (उद्धरण) “ख़ुदा से पूछा — पाकिस्तान मे मारशल लॉ कायम है तो चुनाव करवाने का मतलब क्या है? ख़ुदा ने जवाब दिया — सिम्पल सी बात है, बेनज़ीर और नवाज़ को खींच लाओ जहां पैदा हुए वहीं दफ़नाओ।” अपना कॉलर चढाकर ख़ुदा ने कहाः मियां हम ख़ुदा हैं सब जानते हैं। [...]