दुनिया भर की खबरें और हाल चाल को ध्यान मे रखते हुए “खुदा से मिलो” सिरीज़ लिखना शुरू किया और अपने लेख का करदार खुदा को बनाया - वोह इसलिए के खुदा किसी की जागीर नही - खुदा और भगवान दोनों एक नाम हैं - खुदा का शब्द इसलिए इस्तेमाल करता हूं के ये लेख पहले उर्दू मे लिखना शुरू किया था, अब हिन्दी मे भगवान कि बजाए खुदा का ही नाम इस्तेमाल करता हूं। एक खास बात ये है के धर्म से बेज़ारगी और वर्षों से मीडिया मे नौकरी का तजुर्बा की वजह से इन सिरीज़ मे और कडुवापन डालता हूं यानी सीधे शब्दों मे अपनी भडास निकालता हूं। और इन सिरीज़ मे ऐसी वैसी बातें कह जाता हूं के पढने वालों को बहुत कडुवी लगती हैं या फिर बहुत बडी बकवास लगती है। ये सिरीज़ सिर्फ अपना ज़ाती खयाल है ना के किसी को बुरा भला कहने के लिए - बस दुनिया भर की ताज़ा खबर देख कर जो समझ मे आता है उसे  इन सिरीज़ मे लिखता हूं और ये तो अपना ब्लॉग है अपने दिल की बात भी यहीं लिखनी है। इन लेखों मे खुदा को गाली लिखूं या उसकी मां बेहन एक करूं क्योंकि खुदा (भगवान) किसी एक का नही बल्कि वोह हर किसी का है - खास तौर पर इन सिरीज़ मे अपना अंदाज़ ऐसा है के दिल खोल कर अपनी भडास निकालता हूं।

खुदा से मिलो टाइटल और लेख हैरानी की बात है पर उसका मतलब ये नही के इन सिरीज़ मे खुदा का मतलब कोई आसमानी खुदा है? अपनी सिरीज़ मे उस शक्ति को खुदा बनाया है जो ताकतवर देशों के पीछे कारफरमा है। क्योंकि इस वकत अमेरिका सुपरपावर बनने की कोशिश मे है, बाकी देशों मे अपना सिक्का चलाना चाहता है - और ऐसे वकत खुदा दुनिया देखने आया और अमेरिका की रौनक देख कर उसीका हो गया और पीछे रह कर अमेरिका की हर मुमकिन मदद कर रहा है —– ये सिर्फ “खुदा से मिलो” सिरीज़ का खयाल है ना कि सच मुच ऐसा है। और लिखने का अंदाज़ ऐसा के पढने वाले अगर समझें तो हैरान हों और ना समझे तो परेशान हो कि ये क्या बकवास है? :) सुन रहे हो अमिताभ त्रिपाठी जी

This entry was posted on Thursday, August 31st, 2006 at 2:25 pm and is filed under खुदा से मिलो. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0 feed. You can leave a response, or trackback from your own site.

4 comments so far

 1 

खूब भड़ास निकालिये लेकिन जरा उन जेहादियों पर भी निशाना साधिये जिन्होंने लोगों का जीना हराम कर दिया है. अभी कल थाईलैण्ड में 20 बम विस्फोट किये और वो भी बेचारे बौद्धों पर 5 मिनट में 20 बम विस्फोट माँग वही पुरानी दक्षिणी थाईलैण्ड के तीन मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में शरियत का कानून चाहिये.

September 1st, 2006 at 4:28 am
 2 

पहले भी बहुत बार आतंकवाद और जिहादियों के खिलाफ लिख चुका हूं और आगे भी लिखता रहूंगा।

September 1st, 2006 at 10:44 am
 3 

शुएब जो यह पढ़ेगा वह कोमेंट भी देगा, इसलिए बिना परेशान हुए बस लिखते जाओ.

September 1st, 2006 at 2:01 pm
 4 

अरे शुएब भाई, चिट्ठा आप का है, आप्का जो मन होगा वह लिखिए। जिसको कुछ और पढ़ना है, वह कहीं और जाए:)

September 4th, 2006 at 9:01 am

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