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Nov

ये खुदा है – 40

   Posted by: शुऐब   in खुदा से मिलो

[ अमेरिका मे चुनाव ]

मीडिया वालों ने खुदा से उसका जन्मदिन पूछा तो वो पेट पकड कर हंसने लगा। फिर पूछा एक आध मां बाप भी तो होंगे, इस पर अमेरिका ने मीडिया वालों को ये कह कर दूर भगा दिया कि खुदा को उसका जनम दिन नही पता और वो पैदाइशी लावारिस है। मीडिया वालों ने खुदा से एक आख़िरी सवाल पूछाः आप की पार्टी एलेक्शन हार चुकी अब स्वर्ग वापस कब जाओगे? इस पर भी अमेरिका ने दांत पीसते हुए तुरंत जवाब दियाः खुदा की पार्टी का एलेक्शन मे हारने से कुछ ज़्यादा दुःख नही, एक खुदा हारा तो दूसरा खुदा आऐगा मगर काम वही करेगा जो अमेरिका चाहेगा। मौका पाकर मीडिया वालों ने एक और प्रश्न दागाः पाकिस्तानी जनता ने बदला लेते हुए खुद अपने ही पाकिस्तानी सेना पर हमला बोल दिया। इस पर हंसते हुए अमेरिका ने जवाब दियाः यही तो खुदा की मर्ज़ी है आपस लडवाओ और तमाशा देखो। हमने मुशर्रफ को नाचना सिखाया, अब वो अपने देश मे खुद नाचेंगे अपनी जनता के साथ — जारी

बाकी फिर कभी

 

This entry was posted on Thursday, November 9th, 2006 at 11:22 am and is filed under खुदा से मिलो. You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0 feed. You can leave a response, or trackback from your own site.

10 comments so far

 1 

नया घर मुबारक हो. आप यहाँ खुब लिखें.
खुदा की हर गतिविधी पर आपकी कड़ी नजर काबिलेतारिफ है.

November 10th, 2006 at 3:58 pm
SHUAIB
 2 

हमारे नये घर मे आपका स्वागत है संजय भाई - आप हमारे पहले मेहमान हैं - अरे भाई आप लड्डू खाया है ना ;)

November 10th, 2006 at 4:14 pm
 3 

गृह प्रवेश की बधाई शुएब भाई, आज इस शुभ दिन भी खुदा की खिंचाई, मानोगे नहीं आप।
लगे रहो।

November 10th, 2006 at 4:40 pm
 4 

नया घर मुबारक। :)

November 10th, 2006 at 8:11 pm
 5 

एक खुदा हारा, तो दूसरा खुदा आऐगा
मगर काम वही करेगा, जो अमेरिका चाहेगा।

वाह, शुऎब भाई, नये घर में आते ही शायर हो गये, क्या शेर कहा है, वाह.
नये घर की बधाई.

November 11th, 2006 at 5:26 am
 6 

नए घर की बधाई।
शुहेब भाई, लिनिक्स पर आपके इस ब्लाग की लिखावट बिखरी सी लगती है। थीम बदलने से शायद फरक पड़े। फान्ट भी कुछ बड़े कर दें।

November 11th, 2006 at 1:50 pm
 7 

मै तो समझा था कि लुगाई ला रहे हो इसीलिये लडडू किला रहे हो , हाँ जब न्या घर बना ही लिया है तो लुगाई भी ले जल्दी से लाओ।
नया घर मुबारक हो।

November 11th, 2006 at 3:39 pm
SHUAIB
 8 

@ डाक्टर साब, ऐसे बातें ना करो यार मन मे गुदगुदी होने लगी है ;) आपका धन्यवाद
@ रत्ना बहन, बताने के लिए आपका शुक्रिया, मैं तो अनाडी हूं पता नही क्या करूं। ठीक है अपने ग्रू साहिबान जो हैं उनसे मदद लूंगा। वैसे विन्डोज़ xp मे बढिया दिखता है मेरा ये नया ब्लॉग। आपका धन्यवाद।
@ समीरजी, अरे नही नही शेर व शायरी और मैं ;) होसला बढाने के लिए आपका धन्यवाद।
@ भाटिया साहब, आपका धन्यवाद, पुराने घर मे लड्डू रखे हैं ;) :P
@ नाहर जी शुक्रिया, नये घर आया तो सबसे पहले खुदा को धोया ;)

November 11th, 2006 at 6:10 pm
 9 

जी हां, लड्डू ही खाने को क्लिक किया तो फट से यहां पहुंच गये थे :)

November 11th, 2006 at 8:33 pm
 10 

शुऐब भाई नया घर मुबारक, पुराने घर पँहुचे तो पता लगा आप शिफ्ट हो गये हैं, लड्डू खाकर यहाँ पँहुचा। कुछ दिन पहले ही आप के यहाँ आना शुरु किया था, तो कृपया ख़ुदा नामक प्रतीकात्मक चरित्र का परिचय देने का कष्ट करें।

और हाँ लड्डू बहुत स्चादिष्ट थे।

November 14th, 2006 at 3:28 pm

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