Archive for the ‘अपना भारत’ Category
आपके पड़ोस मे कौन है?
हमारे पड़ोस मे कभी मिर्ज़ा रहते थे कभी नवीन कुमार, पहली मंज़िल पर शर्मा साहब निचली मंज़िल मे असलम साहब। आज हमारे देश के हर बड़े शहरों मे नेपालीयों की शकल मे चीनी, कशमीरीयों के भेस मे पाकिस्तानी और बंगालीयों हुलिय मे बंग्लादेशी।
आज ये लोग हमारे देश मे इतने अमीर हैं कि पता नहीं क्यों हम इनके सामने लाचार मेहसूस करते हैं। इन्की अपनी गाडीयां, अपने ज़ाती फ़लैट, हज़ारों की शॉपिंग और महंगे कप्डे। जब हम विदेश मे रहते थे तो वहां सांस लेने के लिए भी टैक्स देना पड़ता और रुकरुक कर सांस लेते थे क्योंकि हमें पता था कि हम यहां अजनबी हैं। मगर भारत देश तो इतना महान है इसके दिल मे इतनी जगह है कि यहां विदेशीयों की भरमार है। नेपालीयों की शकल मे चीनी, पाकिस्तानी और बंग्लादेशी यहां चैन और स्कून की सांस ले रहे हैं।
क्या हम ग़ुलामी की ओर वापस जा रहे हैं? भाई संजय बंगाणी की पोस्ट और टिप्पणीयां।