Archive for the ‘टैम पास’ Category

2
Apr

दस मिनट

   Posted by: शुऐब

दफ्तर की खिडकी से देखा आसमान मे पता नहीं क्या क्या उड रहा था। फिर कुछ नज़र नहीं आया यहां तक कि पास वाली चीज़ें भी ग़ायब थीं - उससे पहले हमारे दफ्तर की पार्किंग मे खडी गाडीयां (कार-बस) सब एक-दूसरे से खुदबखुद टकराने लगीं। दस मिनट तक तूफ़ानी हवाओं ने पूरे शहर को नचा डाला फिर अचानक मोटी मोटी बूंदों के साथ पांच मिनट तक ज़ोरदार बारिश बरसा और आसमान साफ होगया। जब आसमान साफ हुआ तो देखा कि सडकों पर घरों-दफ्तरों का सामान आ पडा है, छतों पर से टीवी के डिशें बालकोनी मे रखा सामान, सडकों पर बिछाए रेस्टूरंट के टेबल कुर्सीयां वगैरह सब रोड पर बिखरे पडे थे। ये सब कुछ अचानक होगया था हालांकि सुबह मौसम साफ और बहुत गर्म था - दोपहर हम लंच करके निकले ही थे कि ज़बर्दस्त तूफ़ानी हवा ने हमें भागने पर मजबूर करदिया। अब कल पता चलेगा कि कितने हादसे हुए क्योंकि यहां सडकों पर सभी गाडीयां 120-160 और 180 की स्पीड से चलती हैं। सिर्फ दस मिनट के रेतीले तूफ़ान ने पूरे शहर पर जैसे रेत की चादर बिछादी थी। चार वर्षों मे ऐसा तूफ़ान दूसरी बार देखा। ख़ुदा ख़ैर करे, मेरे भारत जाने के दिन ज्लदी से क़रीब आएं क्योंकि अबसे यहां गर्मी की ज़बर्दस्त वाट लगने को है मगर आजका ये दिन शाम ज़रा हवाख़ोरी के लिए बाहर जासकते हैं

*** सज़ाए पुंगा ***

दो बदमाश छोकरों को पकडकर राजा के दर्बार मे पेश लाया जो पूरे गाऊँ मे बदमाशी के लिए मशहूर थे। राजा के दर्बार मे दो तरह की सज़ाएं तजवीज़ हुईं एक सज़ाए पुंगा और दूसरा सज़ाए मौत। राजा ने एक बदमाश से पूछा कि दोनों मे से कौनसी सज़ा पसंद है। बदमाश को ‘पुंगा‘ की समझ नहीं आई कि ये कौनसी सज़ा होगी? सोचा कि मौत से अच्छा है ‘पुंगा‘ ही ठीक है और ये बदमाश सज़ाए पुंगा पर राज़ी होगया तो राजा ने अपने चार मोटे मोटे सरकारी पहलवानों को हुकम दियाः इसकी पतलून उतार कर पुंगा किया जाए।

ज़बर्दस्त पुंगेबाज़ी के बाद बदमाश की हालत ख़राब होगई, इसे उठाकर बाहर चौराहे पर डाल दिया जहां से हर आने-जाने वाला उसपर थूकता हुआ जारहा था।

अब राजा ने दूसरे बदमाश से पूछाः क्यों भई, तुझे किया चाहिए, सज़ाए पुंगा या सज़ाए मौत? दूसरा बदमाश कांपते हुए राजा से कहाः हज़ूर, मेरे लिए सज़ाए मौत ही भली क्योंकि मैं ने अभी दर्दनाक पुंगा देखलिया है और ऐसी बेइज़्ज़ती की सज़ा से अच्छा है मुझे मौत देदें।

राजा ने अपने चार ताज़ा सरकारी पहलवानों को हुकम दिया कि इस बदमाश के मरने तक पुंगा किया जाए :D

31
Mar

हिजडे

   Posted by: शुऐब

15
Feb

एक चुटकुला

   Posted by: शुऐब

25
Jul

About

   Posted by: shuaib