धन्यवाद
अपने हिन्दी चिटठे को जिस जिस ने भी वोट दिया - ख़ुदा उनके पैर चूमता है - आप ख़ुदा के आगे झुको और ख़ुदा आपके आगे (हिसाब बराबर)
पिछले दो सप्ताह से बहुत बिज़्ज़ी हूं, एक तो अपनी कम्पनी Dubai Investment Park (free zone) मे शिफ्ट हुई और दूसरा काम पहले से ज़्यादा बढ गया है। अपने फ़्लाट से दफ्तर जाने के लिए तकरीबन दो घंटे लगते हैं और वापस आने के लिए भी - और काम का समय नौ घंटे - यानी चोदह पंदरह घंटे सिर्फ कम्पनी के वासते फिर रात दस बजे घर आओ खाना वाना खाकर सो सजाओ बस यही है ज़िन्दगी आज कल।
इस चिट्ठे को वोट देने और तीसरा नम्बर दिलाने पर आप सभी हिन्दी चिट्ठाकारों और ख़ास कर जर्ज साहिबान और तरकश डाट कॉम का बहुत बहुत धन्यवाद और देर से धन्यवाद के लिए क्षमा भी चाहता हूं। फ़िलहाल ज़िन्दगी बहुत तेज़ भाग रही है, बहुत ज्लद ख़ुदा की सिरीज़ एक नये अंदाज़ के साथ दुबारा ले आओंगा।